क्या है सरकार की निती ? जहां एक ओर योगी सरकार ने लगाया सैकड़ों पर ताला तो मोदी सरकार खुद खोल रही 38 बूचड़खाने

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योगी आदित्यनाथ सरकार ने सत्ता में आते ही प्रदेश भर में अवैध बूचड़खानों के खिलाफ सख्त कारवाई शुरू कर दी है। अब तक प्रदेश भर में 100 से ज्यादा बूचड़खाने बंद कर दिए गए हैं वही वैध अवैध सभी किस्म का मीट कारोबार मंदा पड़ा हुआ है। इन सबके बीच चौंका देने वाली खबर यह है कि केंद्र सरकार ने देश भर में 38 नए बूचड़खानों को खोलने की मंजूरी दे दी है वहीँ 133 कोल्ड चैन प्रोजेक्ट्स भी अस्तित्व में आयेंगे। कोल्ड चैन परियोजनाएं मांस, समुद्री उत्‍पाद, मुर्गी उत्‍पाद, फलों और सब्जियां, डेयरी, मछली, खाने के लिए तैयार ,पकाने के लिए तैयार खाद्य पदार्थों के लिए हैं।यानि कि इनमे मांस को भी कई दिनों तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। गौरतलब है कि महज दो साल पहले देश में 30 कोल्‍ड चेन परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजना ने दो दिनों पहले राज्यसभा में यह जानकारी दी है!

तरफ जहाँ उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों की भाजपा सरकारें बूचड़खानों को हतोत्साहित करने में लगी है केंद्र सरकार के खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय द्वारा उन्हें प्रोत्साहित किये जाने की बात चौंकाती जरुर है। मगर सच्चाई यह है कि मांस के द्वारा सरकार को जिस बड़े पैमाने पर विदेशी आय की प्राप्ति हो रही है उसको पूरी तरह से नजरअंदाज कर पाना केंद्र सरकार के लिए फिलहाल संभव नहीं दिखता है। केंद्र सरकार द्वारा जिन राज्यों में बूचड़खानों से जुडी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है उनमे भाजपा शासित छत्तीसगढ़ ,हरियाणा और उत्तर प्रदेश भी शामिल है। इन राज्यों समेत पूरे देश में इन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए तक़रीबन 43 करोड़ रूपए की धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है वही इन बूचड़खानों से जुडी परियोजनाओ में से 7 परियोजनाएं शुरू भी हो चुकी है!

एक साल में 24 लाख टन का निर्यात:

वर्ष 2014-15 के मीट निर्यात के आंकड़ों को देखे तो पता चलता है कि इस दौरान भारत ने 24 लाख टन मीट निर्यात किया जो कि दुनिया में निर्यात किए जाने वाले मांस का 58.7 फीसदी हिस्सा था। विश्व के 65 देशों को किए गए इस निर्यात में 80 फीसदी मांस एशिया व बाकी अफ्रीका को भेजा गया।दिलचस्प यह है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद ही मीट का यह निर्यात बढ़ा है। केंद्र में भाजपा की सरकार बनी तो उसने मांस उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नए बूचड़खाने स्थापित करने व पुरानों के आधुनिकीकरण के लिए अपने पहले बजट में 15 करोड़ रुपए की सबसिडी का प्रावधान कर दिया। 2014-15 में मांस निर्यात से सरकार को 4.8 अरब डालर की विदेशी मुद्रा प्राप्त हुई है जहाँ तक यूपी का सवाल है प्रदेश के पशुपालन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक साल 2014-15 में यूपी के वैध बूचड़खानों में भैंस के मांस का 7515 लाख किलोग्राम उत्पादन हुआ. जबकि बकरी के मांस का 1771 लाख किलोग्राम, भेड़ के मांस का 231 लाख किलोग्राम और सुअर के मांस का 1410 लाख किलोग्राम उत्पादन हुआभारत सरकार के पशुपालन विभाग के नये आंकड़ों के मुताबिक 2013-14 में देश के कुल मांस-उत्पादन में यूपी ने 19.59 फीसद का योगदान किया!

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