योगी सरकार के खिलाफ सपा-बसपा ‘एकजुट’, राज्यपाल के अभिभाषण पर हुआ जमकर हंगामा

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यूपी विधानसभा के संयुक्त अधिवेशन में सोमवार को विपक्षी दलों खासकर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के विधायकों ने जमकर हंगामा किया. दोनों सदनों को संबोधित करने पहुंचे राज्यपाल राम नाइक के अभिभाषण शुरू करते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया.

सदन में विधायकों के इस व्यवहार से राज्यपाल नाराज हो गए. उन्होंने कहा कि समूचा उत्तर प्रदेश आपको देख रहा है. विधायकों का सदन में यह व्यवहार ठीक नहीं है. हालांकि राज्यपाल ने भारी हंगामे के बीच अभिभाषण जारी रखा.

क़ानून व्यवस्था के मुद्दे पर विरोध:

सुबह 11 बजे जैसे ही राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ने के लिए सदन में पहुंचे, कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष ने लामबंद होकर योगी सरकार का विरोध करना शुरू कर दिया. इस दौरान कुछ सदस्यों ने राज्यपाल के ऊपर कागज के टुकड़े फेंके. हंगामा कर रहे विपक्ष के कई विधायक वेल में घुस गए.

कुछ अपनी सीटों पर हाथो में पोस्टर-बैनर लेकर कर रहे हंगामा किया. सीएम योगी आदित्यनाथ सदन में विधायकों का हंगामा देखते रहे.

सपा ने कहा, एकजुट हो विपक्ष:

सपा के नेता रामगोविन्द चौधरी ने कहा, सभी विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं को एक साथ बैठक कर संयुक्त रणनीति बनानी चाहिए. उन्होंने कहा, ‘अगर साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ विपक्ष एकजुट नहीं हुआ तो ये ताकतें (साम्प्रदायिक) सबकुछ तबाह कर देंगी.’

पहली बार दूरदर्शन पर प्रसारण:

पहली बार विधानसभा के प्रथम सत्र की कार्यवाही दूरदर्शन के जरिये सीधे प्रसारित हो रही है. 15 से 22 मई तक प्रस्तावित सत्र में सरकार उप्र राज्य वस्तु एवं सेवा कर विधेयक भी पेश करेगी.

पहले से ही तय था हंगामा:

वैसे पहले ही विपक्ष सरकार पर हमले की रणनीति बना चुका था. विपक्ष की ओर से योगी सरकार पर पहला हमला कानून व्यवस्था को लेकर किया जाना था. जो उसने आज राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान कर दिया. इसके अलावा ब्याज सहित गन्ना मूल्य भुगतान, समाजवादी पेंशन बंद किए जाने और प्रदेश में विकास कार्य ठप रहने के मुद्दों पर भी सरकार को विपक्ष घेरने की कोशिश करेगा.

ये है योगी सरकार का एजेंडा:

वैसे तो योगी सरकार का विधानसभा में बहुमत है लेकिन विधानपरिषद में समाजवादी पार्टी बहुमत में है. इसलिए विपक्ष जोरदार हमले में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता. संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के अनुसार इसी सत्र में जीएसटी विधोयक भी पारित कराया जाना है. सरकार की कोशिश इसे जल्द से जल्द पारित करा लिया जाए.

बीजेपी गठबंधन के 325 विधायकों में से 209 पहली बार चुनकर विधानसभा पहुंचे है. इसलिए बीजेपी की कोशिश है कि इन नए विधायकों की तरफ से कुछ भी ऐसा न हो जाए कि सरकार की किरकिरी हो.वहीं सत्र के दौरान विधानभवन परिसर के भीतर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद की गई हैं.

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