न फौजी न कमांडो ट्रेनर, बहुत बड़ा फ्रॉड है ये खुद को ग्रैंडमास्टर शिफूजी कहने वाला शौर्य भाराद्वाज

0
25

खबर आ रही है कि शिफू मैदान छोड़ गए. उनकी वेबसाइट पर लिखा आ रहा है कि ये साइट हैक हो गई है. शिफू की असलियत पर तर्क हुए, तो ये हादसा हो गया. बताइए ना. ये कोई बात होती है. अगर कमांडो ट्रेनर जैसी सेंसिटिव पोस्ट पर बैठे आदमी की वेबसाइट हैक होती है तो मसला सेंसिटिव हो गया है. संसद में आना चाहिए. कहा जा रहा है कि शर्मिंदगी से बचने के लिए शिफू ने खुद ही बंद करवा दी होगी वेबसाइट. आप पढ़ लीजिए कि क्या हुआ था पहले-

देश दुनिया में एक बात है जो हर किसी को झुका देती है. वो है फ़ौज. हर कोई अपने देश की आर्मी की बेहद इज्ज़त करता है. हम सभी फौजियों को एक अलग सम्मान की निगाह से देखते हैं. क्योंकि हमें मालूम है वो क्या कर रहे होते है. अक्सर जिस हालातों में वो रह रहे होते हैं, वो अमानवीय होते हैं. मगर फिर भी जो उनका काम है उसे वो बखूबी निभाते हैं. मगर समस्या तब पैदा होती है जब ऐसी सेना या उस सेना के फौजियों का फ़ायदा उठाने वाला कोई शख्स सामने आ खड़ा होता है.

खुद को ग्रैंडमास्टर शिफूजी कहने वाला शौर्य भाराद्वाज. जो सहारा लेता है यूट्यूब का. उसपर वीडियो अपलोड करता है और भीड़ की मानसिकता का फ़ायदा उठाते हुए पॉपुलर सेंटिमेंट्स को हवा दी और ‘हीरो’ बन गया. शुरुआत हुई ये कहते हुए कि आर्मीमैन है. फिर सामने आया कि कमांडोज़ को ट्रेनिंग देता है. फिर दिखाई दिया फ़िल्म बाग़ी में. ये भी सुनाई दिया कि बाग़ी में टाइगर श्रॉफ को ट्रेनिंग दी है. लेकिन कुछ ठीक नहीं लग रहा था. और जिन्हें ठीक नहीं लग रहा था उनकी संख्या कम नहीं थी. अभिषेक शुक्ला नाम के एक शख्स ने इस आदमी के खिलाफ़ बाकायदे एक मुहिम छेड़ी हुई है. उसने मिनिस्ट्री ऑफ़ होम अफ़ेयर्स, डिफ़ेंस मिनिस्ट्री और इनफॉर्मेशन एंड ब्रॉडकास्टिंग मिनिस्ट्री को ख़त भी लिखा है और उनसे इस आदमी की सत्यता के बारे में भी पूछा है. इसकी बनाई वेबसाइट पर ऐसा दिखाने की कोशिश की गयी है जैसे ये आर्मी के जवानों को ट्रेनिंग देता है. अभिषेक के इस वीडियो को देखें:

इसका चिट्ठा यहां मिलेगा.

तनी मूछें. तनी भृकुटियां. कड़क आवाज़. बेअदबी. गालियां. इन सब के कॉम्बो के साथ एक आदमी बैठा कुछ उवाच रहा होता है. नाम बताता है ग्रैंडमास्टर शिफूजी शौर्य भारद्वाज. कहता था कमांडोज़ को ट्रेनिंग देता है. फौजियों को ट्रेनिंग दी है. खुद की एक वेबसाइट बनवाई हुई है. पहले लिखा हुआ था कि आर्मी अफ़सर है और साथ में ट्रेनिंग देता है. बाद में हल्ला कटने पर वो सब कुछ वेबसाइट से हटा लिया. मगर अब भी वेबसाइट के टैब पर कर्सर रखने पर साइट के डिस्क्रिप्शन में लिखा है ‘Grabndmaster Shifuji Shaurya Bharadwaj, Indian Black Cat MARCOS Commandos, Indian Forces’ इसमें कहीं भी ये नहीं लिखा है कि वो ट्रेनर है. यहां ये लिखा है कि वो खुद इंडियन फ़ोर्सेज़ में इंडियन ब्लैक कैट मार्कोज़ कमांडो है.

हाल ही में जारी किए एक वीडियो में इसने ये स्वीकारा है कि ये कभी भी आर्मी में नहीं था और न ही इसने कभी भी आर्मी में किसी भी तरह से किसी को भी ट्रेनिंग दी है. मगर फिर भी उस यूट्यूब पर अपलोड किये गए उस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में इसने खुद को कमांडो मेंटर लिखा है. स्क्रीनशॉट हाज़िर है. और साथ ही में हैं कुछ तस्वीरें जो इस कथित ग्रैंडमास्टर की वेबसाइट से ली गयी हैं जहां ये वर्दीधारी लोगों को ट्रेनिंग करते हुए देखा जा सकता है

कमांडोज़’ को कथित ट्रेनिंग देते हुए शिफू की तस्वीरें:

इन हज़रात का नाम है शिफूजी शौर्य भारद्वाज, ऐसा हम नहीं ये कहते हैं. हम क्या कहते हैं, आगे बताते हैं. फिलहाल, बात इनके नाम की.

शिफूजी के दो हिस्से हैं. शिफू और जी. शिफू चीनी भाषा का शब्द है. जिसका अर्थ होता है एक कुशल टीचर. और इसी में इन्होंने आगे देसी वाला ‘जी’ जोड़ लिया है जो हम किसी को सम्मान देने के लिए इस्तेमाल करते हैं. तो बने ये शिफूजी. अब आलम ये है कि इन्होंने अपने नाम में खुद्दै ‘जी’ लगा लिया है.

इसके आगे बात इनके ‘असली’ नाम शौर्य भारद्वाज की. वैसे एक बात और है. कभी गूगल करियेगा और नाम ढूंढियेगा – दीपक दुबे. एकदम सेम शकल का आदमी. डिट्टो. वही शकल. वही नैन-नक्श. एक-दो वीडियो के थम्बनेल तो वही थे जो शौर्य भारद्वाज के नाम से यूट्यूब पर चढ़े हैं. या तो शिफूजी का कोई भाई था जो कुम्भ में खो गया था. काम वही कर रहा है. ट्रेनिंग दे रहा है. बॉडी बना रहा है. बना क्या रहा है, बना चुका है.

फ़िलहाल, एक बात तो पक्की है. कमांडो का तो पता नहीं, इस आदमी ने फ़िल्म एक्टर्स को ज़रूर ट्रेनिंग दी है. शिफू की वेबसाइट पर जो सबसे बड़ा फ़ीचर मालूम देता है तो वो है कि उसने टाइगर श्रॉफ को फिल्म ‘बाग़ी’ में कथित तौर पर ट्रेनिंग दी है. सबसे पहले उसका एक वीडियो नज़र आता है जिसमें वो टाइगर श्रॉफ के साथ दिख रहा है. उसके बाद चार तस्वीरें जिसमें वो टाइगर श्रॉफ को ट्रेनिंग दे रहा है. उसके बाद पांच वीडियो. एक जिसमें वो गालियां दे रहा है. और बाकी के पांच फिर से टाइगर श्रॉफ से जुड़े वीडियो. उसके बाद उसकी खुद की अकड़ से भरी कुछ तस्वीरें. और फिर शुरू होती है उसकी कमांडो ट्रेनिंग. यानी इंडिया में वर्ल्ड फ़ेमस ‘देशभक्त’ और ‘देश के लिए सब कुछ न्योछावर कर देने’ का माद्दा रखने वाले शिफू के लिए उसकी वेबसाइट पर कमांडो ट्रेनिंग की बारी 13वें नंबर पर आती हैं.

पहले से 12वें तक शिफू ने अपनी तस्वीरें और टाइगर श्रॉफ के वीडियो लगाए हुए हैं. यहां ग्लैमर है. एक अलग तरह का ग्लैमर है जो कमांडो ट्रेनिंग में भी मौजूद है. लेकिन यहां टाइगर श्रॉफ कमांडो ट्रेनिंग से ज्यादा जरूरी कर दिए जाते हैं.

जाने दीजिये, फ़िल्मों में पैसा लगता है. ‘बाग़ी’ से ये जुड़ा भी रहा, उसमें एक्टिंग भी की है. यकीनन मुनाफ़े की चाह होगी.

खैर, शिफू ने अपने एक नए वीडियो में कहा है कि वो कभी भी सैनिक नहीं रहा है. कहता है कि उसने अपने मुंह से कहीं भी कभी भी खुद को आर्मीमैन नहीं बोला. ठीक बात. मान लिया कि तुम आर्मी में कोई भी रैंकहोल्डर नहीं हो, लेकिन फिर सवाल ये उठता है कि तुम किस हक़ से आर्मी के कपड़े पहने हुए दिखते हो? किस हक़ से अपने गले में कमांडो का बैज लगाए घूमते हो?

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here