छत्तीसगढ़ के अखबारों ने नहीं छापे कांग्रेस के विज्ञापन, भाजपा सरकार के दबाव का आरोप

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य के अखबारों ने उनके द्वारा दिए विज्ञापनों को छापने से मना कर दिया है। इसके लेकर पार्टी ने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया को लिखित में शिकायत की है।

प्रेस काउंसिल को शिकायत करते हुए उन्होंने कहा है कि राज्य के अखबारों ने पार्टी के उन विज्ञापनों को नहीं छापा जिनमें नीतियों को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला गया था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल ने प्रेस काउंसिल को लिखे पत्र में कहा है कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के वक्त कांग्रेस भाजपा से कुछ सवाल पूछना चाहती थी, लेकिन इन सवालों वाले विज्ञापनों को छापने से राज्य के तकरीबन सारे अखबारों ने इनकार कर दिया।

भाजपा सरकार पर दबाव डालने का आरोप

गौरतलब है कि गुरुवार से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह छत्तीसगढ़ के तीन दिन के दौरे पर हैं। ये दौरा छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र देखा जा रहा है। अगले वर्ष वहां चुनाव हैं। शाह मुख्यमंत्री रमन सिंह और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के अलावा, राज्य में संगठन के नेताओं और पदाधिकारियों से मिल रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि मीडिया पर भाजपा सरकार के दबाव के चलते उसके विज्ञापन नहीं छपे गए।

एक ही अखबार ने किया प्रकाशन

बघेल के मुताबिक केवल एक ही अखबार ने उनका ऐड छापा। उन्होंने कहा, “हमने जो विज्ञापन तैयार किये थे उनमें छत्तीसगढ़ के राशन (नान) घोटाले समेत मुख्यमंत्री के विदेश में खाते होने की खबरों के आधार पर सरकार को निशाना बनाया गया था। हमने अखबारों को विज्ञापन दिए थे और उनके छपने की रेट भी तय किए थे। फिर अचानक सभी अख़बारों ने हमारे विज्ञापन छापने से मना कर दिया।” छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने गुरुवार को इन मुद्दों को लेकर रायपुर में विरोध प्रदर्शन किया बघेल कहते हैं कि उनका विज्ञापन केवल देशबंधु में छपा।

भ्रष्टाचारों से जुड़े सवाल उठाना चाहते थे

प्रेस काउंसिल को लिखी चिट्ठी में बघेल ने कहा है, “भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 8 से 10 जून तक छत्तीसगढ़ के दौरे पर हैं। एक विपक्षी राजनीतिक दल होने के नाते हम प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री श्री रमन सिंह के भ्रष्टाचारों से जुड़े सवाल उठाना चाहते थे। इसके लिये गत 7 जून, 2017 को प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से हमने समाचार पत्रों में विज्ञापन देने का फैसला किया, जो कि 8 जून के अंक में प्रकाशित हो सके। प्रदेश के पांच प्रमुख पत्रों, दैनिक ने हमारा विज्ञापन प्रकाशित करने से इनकार कर दिया।”

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