2014 में देश से 2100 करोड़ डॉलर (करीब 1.34 लाख करोड़) ब्लैक मनी गया देश से बाहर

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वर्ष 2014 में देश से 2100 करोड़ डॉलर (करीब 1.34 लाख करोड़) ब्लैक मनी देश से बाहर गया। इंटरनैशनल वॉचडॉग ग्लोबल फाइनैंशल इन्टेग्रिटी (जीएफआई) की ताजा रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। इस रिपोर्ट को सोमवार को जारी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में देश से बाहर जो ब्लैकमनी गई है वह 2013 की तुलना में 19 फीसदी अधिक है। जीएफआई ने पहली बार इस रिपोर्ट में ब्लैकमनी के आवक की भी जानकारी दी है। वर्ष 2014 में भारत में 6.47 लाख करोड़ रुपये का कालाधन आया जो कि बीते वर्ष की तुलना में 11 फीसदी अधिक था।

रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में विकासशील देशों से 39.76 करोड़ रुपये से लेकर 62.21 करोड़ रुपये बाहर गए हैं। यह पैसा व्यापारिक धोखाधड़ी के माध्यम से देशों से बाहर गए है। कालेधन की आवक लगभग 89789 अरब रुपये से 160337 अरब रुपये रही।

सोने के एक्सपोर्ट पर स्विस डेटा को शामिल करने से भारत में पैसा आने और जाने के आंकड़ों में भारी बदलाव आया है। पहले इस डेटा को शामिल नहीं किया जाता था।

रिपोर्ट लिखने वालों में से एक इकॉनमिस्ट जोसेफ ने कहा, ‘चूंकि बड़ी मात्रा में स्विटजरलैंड से भारत में सोने का आयात होता है इसलिए इस डेटा में आए बदलाव का गहन अध्ययन किया गया जिससे पता चला है कि दोनों देशों के आपसी व्यापार में काफी अंतर आया है। उन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग के लिए भारत के डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस और स्विटजरलैंड के डायरेक्टर जनरल ऑफ कस्टम का शुक्रिया अदा किया।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया के 87 फीसदी देशों कालेधन का लेनदेन व्यापार की आड़ में होता है।

यह कैसे काम करता है:

अगर आप देश से बाहर पैसा भेजना चाहते हैं तो आप विदेश से कुछ सामान मंगाते हैं इस सामान के लिए आपको भारी रकम चुकानी होती है। विदेश में बैठे अपने साथी को चुकाई गई इस रकम से एक्स्ट्रा पैसा आपके नाम से रख लिया जाता है। इसी प्रक्रिया से पैसा विदेश से यहां मंगाया जाता है। इस तरह से पैसा इधर-उधर करने के लिए टैक्स नहीं देना होता है।

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