GST : 1 जुलाई से हो जाइये तैयार, आपकी जेब पर पड़ने वाला है भारी बोझ, होटल, रेस्टोरेंट, दवाइयां, स्कूल फीस, मोबाइल बिल आदि पर जीएसटी रेट हुआ तय !

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सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, दवाइयां, स्कूल फीस, मोबाइल बिल आदि पर जीएसटी रेट तय कर लिया है. क्या आप जानते हैं कौन सी चीजें महंगी होंगी और कौन सी चीजें सस्ती? चलिए देखते हैं.जीएसटी से जुड़ी दूसरी लिस्ट भी अब आ गई है. 19 मई को हुई दूसरी बैठक में होटल, रेस्टोरेंट्स आदि के टेरिफ और टर्नओवर के हिसाब से टैक्स रेट तय किया गया है.

कैसे लगेगा टैक्स?
1 जुलाई से उन होटल पर जिनमें 1000 रुपए से कम किराया लगाया जाता है कोई टैक्स नहीं लगेगा. इसके अलावा, जो होटल 5000 और उससे ज्यादा का किराया लेते हैं (प्रति दिन) उनपर 28% टैक्स देना होगा.

1000 से 2500 रुपए प्रति दिन किराया लेने वाले होटल 12% टैक्स लेंगे और 2500 से 5000 रुपए प्रति दिन किराया लेने वाले होटल 18% टैक्स लेंगे.


इससे क्या होगा महंगा?
मिडिल क्लास और अपर मिडिल क्लास लोगों के लिए ये टैक्स स्लैब थोड़े महंगे साबित हो सकते हैं. एक तो घूमने के शौकीन लोगों के लिए 5000 रुपए से ऊपर का रूम 28% टैक्स स्लैब में आएगा. जगह के हिसाब से होटल का किराया बढ़ता या घटता है तो अगर मैं किसी महंगी जगह पर जा रही हूं तो ऑटोमैटिकली मेरी जेब से ज्यादा पैसा जाएगा.

बाकी सर्विसेज का क्या?
एजुकेशन और मेडिकल सर्विसेज को टैक्स सीमा से बाहर रखा गया है यानी यहां आम आदमी को फायदा मिलेगा. इसके अलावा, अधिकतर सर्विसेज 18% टैक्स रेंज में आएंगी. जैसे बैंकिंग और इंश्योरेंस, टेलिकॉम, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, सरकारी सेवाएं जैसे नीलामी (स्पेक्ट्रम आदि की) आदि. ईकॉमर्स कंपनियों से 1% टैक्स लिया जाएगा.

जेटली के अनुसार सर्विसेज का मार्जिन टैक्स रेट 18% ही है.

क्या होगा यात्रा का?
हवाई सफर में इकोनॉमी क्लास में बहुत कम अंतर होगा. मौजूदा टैक्स रेट 6% का है और जीएसटी लागू होने के बाद ये 5% हो जाएगा. इसके अलावा, बिजनेस क्लास वाले यात्रियों के लिए सफर महंगा हो जाएगा. अभी टैक्स रेट 9% का है और ये 12% हो जाएगा.

जहां तक ट्रेन का सवाल है वहां एसी का किराया ना के बराबर कम होगा. मौजूदा रेट 5.2% का है और जीएसटी के लगने के बाद ये 5% हो जाएगा.

टेलिकॉम और इंश्योरेंस सर्विसेज महंगी हो जाएंगी जो अभी 15% में है वो 18% स्लैब में चली जाएंगी. सबसे ज्यादा अंतर मूवी टिकट पर पड़ेगा जो अभी किसी निश्चित टैक्स स्लैब में नहीं आती है. इनमें 45% तक टैक्स लिया जाता है और ये अब 28% के स्लैब में आ जाएंगी. यानी मल्टीप्लेक्स में फिल्में देखना सस्ता हो सकता है.

कैब आदि के लिए 5% टैक्स निर्धारित किया गया है. हालांकि, ये टैक्स बढ़ जाएगा जब पेट्रोल और डीजल जीएसटी के अंतरगत आएगा.

अभी इनपर बात होनी बाकी है…
अभी सोना और अन्य धातु पर बात होनी बाकी है. इसके अलावा, पैकेज फुड, फुटवियर और टेक्सटाइल आदि जैसी कई चीजों पर बात 3 जून को अगली बैठक में होगी.

फोन और फोन बिल दोनों होंगे महंगे..
फोन और फोन बिल दोनों 1 जुलाई के बाद महंगे हो सकते हैं. मोबाइल यूजर का बिल अगर 1000 रुपए आता है तो एक जुलाई के बाद से 1030 रुपए हो दाएगा. ऐसा इसलिए है क्योंकि टेलिकॉम सेक्टर सर्विसेज अभी मौजूदा 15% रेट से बढ़कर 18% हो गई हैं. प्रीपेड यूजर्स के लिए अगर 100 रुपए का रीचार्ज है तो पहले 85 रुपए की जगह 1 जुलाई से 82 रुपए ही मिलेंगे.

मोबाइल फोन भी महंगे होंगे जिसमें जीएसटी लगने के बाद 4 से 5 प्रतिशत तक का टैक्स बढ़ जाएगा. मोबाइल फोन्स 12% के टैक्स स्लैब में आए हैं.

अब कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है…

1-हवाई सफर बिजनेस क्लास वालों के लिए महंगा होगा.

2-होटल के मामले में अपर मिडिल क्लास वालों को थोड़ी दिक्कत हो सकती है.

3-फोन के साथ-साथ फोन का बिल भी महंगा होगा.

4-मोटरसाइकल, टीवी सेट, एसी, फ्रिज, डिजिटल कैमरा, वॉशिंग मशीन, चॉकलेट, चीविंगगम, पर्फ्यूम, कार आदि सब महंगा हो जाएगा. तो अगर आपको इनमें से कुछ खरीदना है तो 1 जुलाई के पहले खरीदना बेहतर होगा.

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