साइकिल चिन्ह को लेकर नही है कोई विवाद , अधिवेशन की वैधता पर है सवाल ?

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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के चुनाव से ठीक पहले समाजवादी पार्टी में मचे घमासान के बीच खबरें आ रही थीं कि अखिलेश-मुलायम खेमें में पार्टी के चुनाव चिन्ह ”साइकिल” को लेकर दंगल जारी है. मामला चुनाव आयोग तक पहुंच गया है और आयोग साइकिल सिंबल जब्त कर सकता है. लेकिन चुनाव आयोग के सूत्रों की मानें साइकिल सिंबल जब्त होने के आसार ना के बराबर दिख रहे हैं.

दरअसल समाजवादी पार्टी के अखिलेश या मुलायम दोनों में से किसी खेमे ने साइकिल सिंबल को लेकर आयोग के पास कोई दावा पेश ही नहीं किया है. चुनाव आयोग के सूत्रों की मानें तो दोनों गुटों ने फिलहाल अधिवेशन की वैधता को लेकर अपना दावा पेश किया है!

ऐसे में चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से 9 जनवरी तक जवाब मांगा है. दोनों गुटों को एक दूसरे के वो दस्तावेज भी भेजे गए हैं जो उन्होंने चुनाव आयोग को दिए थे. चुनाव आयोग ने समाजवादी पार्टी के दोनों खेमे यानि अखिलेश गुट और मुलायम गुट दोनों को हलफनामा देकर ये बताने को कहा है कि उन्हें कितने विधायक, कितने एमएलसी और कितने एमपी का समर्थन हासिल हैं ?

आपको बता दें कि इस स्थिति में चुनाव आयोग 9 तारीख तक दोनों पक्षों के समर्थन के पर्याप्त सबूत का इंतज़ार करेगा. और अगर जवाब नहीं आया तो समाजवादी पार्टी का मामला आयोग से खारिज़ हो जाएगा. फिर मुलायम परिवार को इस विवाद से खुद ही निपटना होगा!

9 जनवरी तक अगर किसी एक पक्ष ने 50% से अधिक विधायकों, विधान पार्षदों और सांसदों के साथ 50% से अधिक पार्टी पदाधिकारियों की लिस्ट आयोग को सौंप दी तो उसका पलड़ा मजबूत माना जायेगा. उसके बाद आयोग अधिवेशन की वैधता का मामला देखेगा!

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