विपक्ष की लगातार उठ रही मांग पर EC ने लिखा मोदी सरकार को पत्र, पूछा- क्या बजट को आगे बढ़ाया जा सकता है ?

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नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने केंद्र की मोदी सरकार को पत्र लिखकर बजट की तारीख को आगे बढ़ाने के बारे में उसके विचार पूछे हैं। इसके लिए ईसी ने कैबिनेट सचिव प्रदीप सिन्हा को पत्र भेज दिया है और 10 जनवरी तक जवाब देने को कहा है। दरअसल, विपक्षी दलों की मांग है कि बजट पेश करने की तारीख को 1 फरवरी से आगे बढ़ा दिया जाए। इसपर चुनाव आयोग ने केंद्र का रुख जानना चाहा है। विपक्षी दलों की मांग है कि बजट 8 मार्च के बाद पेश किया जाना चाहिए यानी पांचों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की वोटिंग के बाद। केंद्र सरकार का रुख जानने के बाद ही चुनाव आयोग आगे कोई फैसला लेगा। इससे पहले विपक्षी पार्टियों का एक दल तीनों इलेक्शन कमीश्नर, नसीम जैदी, ओपी रावत और एके जोटी से मिलने पहुंचा था। जिसमें कांग्रेस के गुलाम नबी आजाद भी शामिल थे।

इससे पहले 4 जनवरी को खबर आई थी कि कांग्रेस समेत 16 बड़ी विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखकर कहा था कि केंद्र सरकार तय वक्त से पहले बजट लाकर यूपी समेत पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में फायदा लेना चाहती है। विपक्षी पार्टियां का मानना है कि सरकार लोगों को रिझाने वाली स्कीम्स लाकर चुनावी फायदा लेना चाहती है। पत्र में आगे कहा गया था कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए सरकार को जल्दी बजट लाने से रोका जाना चाहिए। पत्र में साल 2012 का भी जिक्र किया गया था। लिखा था कि तब भी उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में चुनाव थे लेकिन यूपीए सरकार ने बजट को 16 मार्च तक के लिए आगे बढ़ा दिया था।

इससे पहले संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने मंगलवार (3 जनवरी) को फैसला किया था कि बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो जाएगा और फिर 1 फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट पेश कर देंगे। इसका मतलब साफ है कि इस बार बजट तय समय से लगभग 3 हफ्ते पहले लाया जाएगा। वर्ना लगभग हर बार बजट 28 फरवरी को लाया जाता है।

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