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लोकदल को है उम्मीद, अगले एक-दो दिन में ‘फ़ैसला’ ले सकते हैं मुलायम!

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह द्वारा वर्ष 1980 में गठित लोकदल के संस्थापक सदस्यों में मुलायम का नाम भी शामिल है। यह एक पंजीकृत राजनीतिक दल है।

चुनाव आयोग के फैसले के बाद सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) में सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद लगभग पुख्ता होने के बीच लोकदल सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को अपने पाले में लाने के लिये आश्वस्त है और उसका कहना है कि मुलायम अगले दो-तीन दिन में कोई ‘निर्णय’ ले सकते हैं। लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनील सिंह ने बुधवार (18 जनवरी) को यहां बताया ‘आज मैंने मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की, और उन्हें हमारी पार्टी का झंडा इस्तेमाल करने की एक बार फिर पेशकश की। वह (मुलायम) अपने बेटे के हाथों छले जाने के बाद दुविधा में हैं। अपनी ही पार्टी को छोड़ना निश्चित रूप से मुश्किल निर्णय होता है।’ उन्होंने दावा किया, ‘मुलायम सिंह यादव ने अखिलेश को 38 प्रत्याशियों की सूची दी थी। उनमें से आधे लोगों को टिकट नहीं मिलेगा। सपा के कई नेता मेरे सम्पर्क में हैं। मुझे उम्मीद है कि मुलायम अगले दो-तीन दिन में कोई निर्णय ले सकते हैं।

सिंह ने कहा कि मुलायम के साथ उनकी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। हमारे प्रत्याशी क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या लोकदल राज्य में किसी अन्य पार्टी से गठबंधन करेगा, उन्होंने कहा कि इस बारे में किसी से कोई बात नहीं हुई है, हालांकि यह विकल्प भी खुला हुआ है। पिछले दिनों चुनाव चिह्न पर दावे को लेकर चुनाव आयोग में जारी लड़ाई के दौरान लोकदल अध्यक्ष ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह के सामने पेशकश रखी थी कि अगर साइकिल चुनाव निशान को फ्रीज किया जाता है तो मुलायम लोकदल के अध्यक्ष बन जाएं और उनके प्रत्याशी इस पार्टी के चुनाव चिह्न ‘हलधर किसान’ पर चुनाव लड़ें।

पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह द्वारा वर्ष 1980 में गठित लोकदल के संस्थापक सदस्यों में मुलायम का नाम भी शामिल है। यह एक पंजीकृत राजनीतिक दल है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक इस दल ने पहले ही अपने 100 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिये हैं। लोकदल ने वर्ष 2012 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में 76 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। हालांकि उसका एक भी प्रत्याशी नहीं जीत सका था, लेकिन ज्यादातर सीटों पर उसके उम्मीदवार पांच हजार से 15 हजार वोट पाने में सफल रहे थे। उत्तर प्रदेश में सात चरण में विधानसभा चुनाव होना है, जिसकी शुरुआत 11 फरवरी से होनी है। पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।

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