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बुरी ख़बर : फ़िर से पैदा होगा कैश का संकट? देश के एक-चौथाई एटीएम हो गए हैं खाली

सरकार ने एक जानकारी देते हुए बताया है कि 10 दिसंबर 2016 तक आरबीआई के पास 12.44 लाख करोड़ रुपये के नोट 500 और 1000 के पुराने नोटों की शक्ल में जमा हुए।

देश में नोटबंदी को हुए तीन माह होने से ज्यादा का वक्त हो गया है। लेकिन बैंको में अभी भी पर्याप्त पैसे नहीं हैं। लोगों को कैश ना मिलने से काफी परेशानियां का सामना करना पड़ कहा है। एक अनुमान के अनुसार देश भर के एक चौथाई से ज्यादा एटीएम सूखे पड़े हुए हैं। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि एक चौथाई से ज्यादा एटीएम में पैसे की किल्लत है। देश में लाखों वर्कर्स को महीने के पहले सप्ताह में कैश पेमेंट की जाती है। एक आंकड़े के अनुसार देश में 560 मिलियन से ज्यादा फैक्ट्री वर्कर हैं। जिसमें से ज्यादातर कैश में ही सैलरी लेते हैं और सारा लेन-देन कैश में ही करते हैं। इस कारण से एटीएम में कैश की कमी है। बैंक अधिकारी ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में बताया कि कैश की कमी को 10 फरवरी तक पूरा करने की उम्मीद है। पिछले सप्ताह ही रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने आम आदमी को राहत देते हुए एटीएम से एक बार में 24000 हजार रुपये निकालने की सीमा से रोक हटा ली थी।

भारतीय स्टेट बैंक समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्या कांति घोष ने कैश की किल्लत के लिए कहा है कि हमारा आंकलन है कि फरवरी के आखिर तक देशभर में कैश की किल्लत खत्म हो जाएगी और हालत सामान्य हो जाएंगे। सरकार ने एक जानकारी देते हुए बताया है कि 10 दिसंबर 2016 तक आरबीआई के पास 12.44 लाख करोड़ रुपये के नोट 500 और 1000 के पुराने नोटों की शक्ल में जमा हुए।

ऐसा नहीं है कि कैश में किल्लत सिर्फ शहरों में बनी हुई हैं। गांवों के बैंको में भी लोगों को लंबी लाइनों में लगना पड़ता है। बता दें केंद्रीय वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 3 फरवरी को जानकारी देते हुए कहा थी कि नोटबंदी के बाद बैंकों में नए नोट डालने का काम लगभग खत्म हो चुका है। कैश निकासी पर व्यावहारिक रूप से कोई पाबंदी नहीं रह गयी है। लेकिन इसके बाद भी लोगों को कैश के लिए लाइनो में खड़ा रहना पड़ रहा है।

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