You are here

कैशलेस ट्रांजैक्‍शन को बढ़ावा दे रही है सरकार , पर अपना ही 30 हजार करोड़ रुपये गंवा चुकी है

कैशलेस ट्रांजैक्‍शन को बढ़ावा दे रही है सरकार , पर अपना ही 30 हजार करोड़ रुपये गंवा चुकी है, डिजिटल सिक्‍योरिटी सरकार के प्रचार पर सवाल खड़े करती है। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार डिजिटल ट्रांजैक्‍शन (कार्ड/ऐप से पेमेंट) का प्रचार कर रही है। 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद करने के एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार डिजिटल ट्रांजैक्‍शन (कार्ड/ऐप से पेमेंट) का प्रचार कर रही है। इसके तहत सरकार ने डिजिटल पेमेंट करने पर कुछ जगहों पर डिस्‍काउंट का एलान भी किया है। पीएम मोदी लंबे समय से डिजिटल इंडिया का समर्थन कर रहे हैं। लेकिन देश में ऑनलाइन या डिजिटल सिक्‍योरिटी सरकार के प्रचार पर सवाल खड़े करती है। देश के बैंक और सरकार साइबर सिक्‍योरिटी को लेकर आंखें मूंदे नजर आते हैं। पिछले पांच साल में केवल पीएसयू बैंक से 30 हजार करोड़ रुपये ऑनलाइन फ्रॉड के जरिए लूटे गए है। बावजूद इसके बैंक साइबर सुरक्षा को लेकर लापरवाह है। साइबर लॉ एक्‍सपर्ट प्रशांत माली के अनुसार दिल्‍ली में साइबर एपिलेंट ट्रिब्‍यूनल में चार साल से चेयरमैन ही नहीं है। यानि साइबर फ्रॉड पर सुनवाई के लिए जज ही नहीं है। एनडीटीवी इंडिया के प्राइमटाइम कार्यक्रम में उन्‍होंने साइबर फ्रॉड के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ”देश के 70 प्रतिशत एटीएम में विेंडोज एक्‍सपी है। विंडोज एक्‍सपी की सर्विस अप्रैल 2014 से माइक्रोसॉफ्ट ने बंद कर दी।” साफ है कि देश के अधिकांश एटीएम पुराने सिस्‍टम पर काम कर रहे हैं। माली ने देश में ऑनलाइन फ्रॉड के डरा देने वाले आंकड़े भी बताए। उन्‍होंने कहा कि देश में डिजिटल रिड्रेस मैनेजमेंट है ही नहीं। देश में साइबर क्राइम के मामले हर साल 300 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं। अलग-अलग तरह से लोगों को लूटा जा रहा है। साइबर फ्रॉड की शिकायत के संबंध में माली ने बताया,”ऑनलाइन फ्रॉड होने पर तीन तरह से शिकायत की जा सकती है। सबसे पहले, बैंक में जाकर किसी भी भाषा में पत्र लिखकर एक्‍नॉलेजमेंट कॉपी ले लीजिए। इसके बाद नजदीकी थाने में इसकी रिपोर्ट करें और वहां से भी एक्‍नॉलेजमेंट कॉपी ले लीजिए। क्‍योंकि पुलिस पहले तो एफआईआर दर्ज ही नहीं करती है। अगर रकम बड़ी हो तो सेक्‍शन 44 के तहत नियुक्‍त किए गए एडजिक्‍यूटिंग ऑफिसर से शिकायत कर सकते हैं। यह अधिकारी प्रिंसीपल सेक्रेटरी लेवल का होता है और प्रत्‍येक राज्‍य की राजधानी में बैठता है।” लेकिन उन्होंने यह भी बताया कि देश के 30 में से केवल तीन राज्‍यों में ही यह एडजिक्‍यूटिंग ऑफिसर काम कर रहा है। यह सरकारों की साइबर सिक्‍योरिटी के प्रति गंभीरता को दर्शाता है।

Related posts

Leave a Comment

Pin It on Pinterest

X
Share This